Saturday, June 2, 2012

Do's and Dont's for 3 June : बहुत हो गयी घर बैठे समाज सेवा , अब 3 जून के दिन घर से बाहर निकलना ही होगा



दिल्ली आने वालों के लिए निर्देश्………

1- अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली तथा अपने राजधानी क्षेत्र के कार्यक्रम में भाग लें |
2- दिल्ली आने वाले अपने साथ गुड़, चना, दोपहर लू से बचने के लिए नींबू, ग्लूकोस व पर्याप्त मात्रा में पानी और छाता इत्यादि साथ लायें |
3- दिल्ली आने वाले साधक अपने साथ बैनर, छोटा माईक, तख्तियां, झण्डे साथ लायें |
4- जहाँ पुलिस रोके वहीं बैठ कर शाम तक धरना प्रदर्शन करें | पुलिस – प्रशासन के साथ संघर्ष नहीं करें | अपने आस-पास के लोगों पर ध्यान रखें, कोई भी असामाजिक तत्व हो उसको पहचान कर नियंत्रण करें | अगर कहीं पर भी रोका जाता है तो तुरन्त अपने जिला, प्रान्त प्रभारी व केन्द्रीय प्रभारी को सूचित करें |
5- हमारा उद्देश्य अहिंसक व शान्तिपूर्ण आंदोलन है |
हमारा नारा – 1. हमला चाहे जैसा होगा, हाथ हमारा नहीं उठेगा |
                   2. अहिंसक थे, अहिंसक रहेंगे |
6- पुलिस अगर गिरफ्तार करती है तो अपनी शान्तिपूर्ण गिरफ्तारी देवें | गिरफ्तार करने के बाद जिस स्थान पर रोका गया वही पर प्रदर्शन करें | गिरफ्तारी देने के बाद जेल में पुलिस वालों से खाना मांगे | एक दिन की पुलिस आन्दोलन में गिरफ्तारी सरकारी कर्मचारी भी दे सकते हैं |
7- अपने साथ कैमरा, मोबाईल साथ लाये कही भी पुलिस रोकती है या ज्यादती करती है तो उसकी फोटोग्राफी करें, विडियो बनायें | विडियों व फोटोग्राफी को मुख्यालय भिजवायें |
8- मिडिया के सम्पर्क साथ रखें, कहीं भी पुलिस रोकती है तो मिडिया को सूचित करें | दिल्ली प्रमुख मिडिया के सम्पर्क सूत्र :-011 – 23684878 आज तक, 120 – 4070000 स्टार न्यूज नोएडा,
120 – 2511064 जी न्यूज नोएडा, 120 – 43955555 आई. बी. एन. सेवेन |
9- हर ग्रुप के साथ माईक सैट साथ लायें, जिससे पुलिस जहाँ रोके वही पर धरना दे, माईक से देशभक्ति के गीत कालाधन पर भाषन इत्यादि करें |
10- आपात स्थिति में आपको सूचना व निर्देश के निम्न माध्यम रहेंगे |
(क) केन्द्रीय, प्रान्त, मण्डल व जिला प्रभारी |
(ख) आपके मोबाईल पर LM-SWAMIG से एस. एम. एस. द्वारा |
(ग) आस्था चैनल के द्वार |
(घ) बेबसाईड द्वारा www.bharatswabhimantrust.org

11.  ३ जून को जंतर मंतर से लाइव विडियो यहाँ से देखे  http://www.bharatswabhimansamachar.in/3june-jantar-mantar-special/

Tuesday, March 13, 2012

अपने बच्चों को अच्छे टीवी सीरियल दिखाएँ - Best TV serials for kids

रामायण  (आभार रामानंद सागर )

महाभारत   (आभार  बी आर  चोपड़ा )

चाणक्य     (आभार  डॉ. चंद्र प्रकाश  )

भारत एक खोज (आभार : दूरदर्शन)

उपनिषद गंगा  मैं कोन हूँ , इस संसार को किसने बनाया, जीवन का उद्देश्य क्या है, संघर्ष के लिए तैयार कैसे हों, . प्रेम क्या है, कर्म क्या है, आदमी खुश क्यों नहीं है, जिस सच्ची खुशी की मुझे तलाश है वो कहाँ मिलेगी, जीवन की अस्पष्ट गुत्थी को सुलझाने के लिए मार्गदर्शन और जीवन के हर दिन के सवालों के जवाबो को जानने के लिए देखे उपनिषद गंगा  खासतोर पर युवाओं के लिए 11 मार्च 2012 से हर रविवार को सुबहे 10 बजे DD1 पर. यहाँ आप उपनिषदों के रूप में लिखा गया हजारों वर्षों के ऋषियों के ज्ञान को सरल व् रोचक रूप में समझ पायंगे. प्रस्तुत कर्ता डा. चंद्रप्रकाश द्विवेदी (एतिहासिक धारावाहिक चाणक्य के निर्माता) . सारे एपीसोड़े यहाँ से देखें  

टीपू सुल्तान   ( आभार संजय खान व् अकबर खान )


अपने सुझाव RavinderSanjay@gmail.com  पर जरूर भेजे

Monday, December 19, 2011

भारतीय नववर्ष [ Importance of Indian New Year] के महत्व को समझे और मनाये

आजाद भारत के नेताओ की गुलाम मानसिकता :

आजादी के बाद हमने परतंत्रता के बहुत से चिह्न हटाए, सड़कों के नामों का भारतीयकरण किया, पर संवत् और राष्ट्रीय कैलेंडर के विषय में हम सुविधावादी हो गए, हमें विस्मृति रोग ने जकड़ लिया। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् नवम्बर 1952 में वैज्ञानिक और औद्योगिक परिषद के द्वारा पंचांग सुधार समिति की स्थापना की गयी। समिति ने 1955 में सौंपी अपनी रिपोर्ट में विक्रमी संवत को भी स्वीकार करने की सिफारिश की थी। किन्तु, तत्कालीन प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के आग्रह पर ग्रेगेरियन कलेण्डर को ही सरकारी कामकाज हेतु उपयुक्त मानकर 22 मार्च 1957 को इसे राष्ट्रीय कलेण्डर के रूप में स्वीकार कर लिया गया।   इसके लिए यह तर्क दिया जा सकता है कि अब जब संसार के अधिकतर देशों ने समान कालगणना के लिए ईस्वी सन स्वीकार कर लिया है तो दुनिया के साथ चलने के लिए हमें भी इसका प्रयोग करना चाहिए। इसका अर्थ यह है कि हमने सुविधा को आधार बनाकर राष्ट्रीय गौरव से समझौता कर लिया है और यह भी भुला दिया कि काम चलाने और जश्न मनाने में बहुत अंतर है। लेकिन बंगलादेश व् नेपाल का सरकारी कलेंडर विक्रम संवत् ( abbreviated "V.S.")  ही  है


पाश्चात्य नव वर्ष मनाने का तरीका :

एक जनवरी के नजदीक आते ही जगह-जगह हैप्पी न्यू ईयर के बैनर व होर्डिंग लगने लगते हैं। मैकालेप्रणीत शिक्षा पद्वति के ढ़ांचे में पले- बढ़े ये काले अंग्रेज सदैव पाश्चात्य नव वर्ष का स्वागत करने की तैयारी करते रहने में अपनी शान समझते हैं। होटल, रेस्तरॉ, व पव इत्यादि अपने-अपने ढंग से इसके आगमन की तैयारियां करने लगते हैं। बड़े-बड़े होटलों में हजारों रुपये प्रति व्यक्ति खर्च करके देश का एक कुलीन वर्ग सीटें रिजर्व कराता है। दारू की दुकानों की भी कटने लगती है। कहीं कहीं तो जाम से जाम इतने टकराते हैं कि घटनाऐं दुर्घटनाओं में बदल जाती हैं और मनुष्य- मनुष्यों से तथा गाड़ियां गाडियों से भिडने लगते हैं। रात-रात भर जाग कर नया साल

Monday, October 3, 2011

भारत स्वाभिमान यात्रा के 4 पत्रक अवश्य पढ़े और सभी तक पहूँचाये

आर्थिक आजादी से व्यवस्था परिवर्तन

यदि आप भारत के नागरिक है और सरकार को कर देते है तो इसे ध्यान से जरुर पढ़ें और जाने... 32 प्रकार के टैक्स कैसे बंद किये ज़ा सकते है और इन 32 प्रकार के टैक्स का विकल्प क्या है  टैक्स बंद करने से  महगाई, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी कैसे समाप्त होगी. भारत वासियों को लूटने के लिए बनाये गए ३२ प्रकार के टैक्स को कैसे दिए बिना ही सरकार के खाते में दोगुना पैसा आता रहेगा और देश खुशहाल और समृद्ध हो जायेगा.

जरुर पढ़े और सबको पढ़वाये. इस मेल को सबको अग्रेषित करे.


आदर्श ग्राम योजना 
अगर  देश को संपन्न व् आत्मा निर्भर बनाना है तो गावों को ऊपर उठाना होगा . और देश के सभी गांव को आदर्श गांव बनाना होगा . कैसे होने वाला है ये सब और आप इस में कैसे सहयोग कर सकते हैं जानने के लिए पढ़े


काले धन का पूरा सच
 काले धन का पूरा सच व् देश को किस तरह करोडो रूपये का चुना हर रोज लगाया जा रहा है  और इस समस्या से कैसे बचा जा सकता है और आम आदमी को भूख और गरीबी के चंगुल से कैसे बहुत आसानी से बचाया जा सकता है जानने के लिएपढ़े और सभी को पढाएं  और प्रिंट निकाल कर 

हमारे सपनो का भारत
हमारे सपनो का आदर्श भारत कैसा होगा , और हम आपने देश को फिर से कैसे आदर्श व् विश्व गुरु बनायेगे किन व्यवस्थ्यों को बदलने की जरुरत है जानने के किये पढ़े

Friday, September 9, 2011

अपनी मृत्यु के पश्चात नेत्रदान का संकल्प ले ( Eye Donation Guide )

एक आसान प्रयोग कर के देखे -
थोड़ी देर अपनी आँखों पर एक पट्टी बांध कर अपनी दिनचर्या के काम करे या पास के पार्क में जाकर टहल कर आ जाएँ . आप पायंगे के बिना  आँखों से दिखाई दिए  कुछ भी कर पाना कितना मुश्किल है . शायद अब हम आँखों की कीमत और जरुरत पहले से ज्यादा समझ गए  हैं . आप किस्मत वाले है की इस प्रयोग के बाद आप  आँखों से पट्टी हटा सकते है . पर

Tuesday, September 6, 2011

आज भी चल रहे अंग्रेजो द्वारा बनाये गए काले कानूनों [Out dated laws in India By British Rule ] के बारे में सबको बताएं

साथियों ,  व्यवस्था परिवर्तन क्यो जरूरी है ?  आजादी के 64 साल बाद भी देश मे सारे वही 34735 कानून अभी तक है, जो अन्ग्रेजों ने हमें लूटने कि लिये बनाये थे ।
भारत के काले कानून !!
भारत में 1857 के पहले ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन हुआ करता था वो अंग्रेजी सरकार का सीधा शासन नहीं था | 1857 में एक क्रांति हुई जिसमे इस देश में मौजूद 99 % अंग्रेजों को भारत के लोगों ने चुन चुन के मार डाला था और 1% इसलिए बच गए क्योंकि उन्होंने अपने को बचाने के लिए अपने शरीर को काला रंग लिया था | लोग इतने गुस्से में थे कि उन्हें जहाँ अंग्रेजों के होने की भनक लगती थी तो वहां पहुँच के वो उन्हें काट डालते थे | हमारे देश के इतिहास की किताबों में उस क्रांति को सिपाही विद्रोह के नाम से पढाया जाता है | Mutiny और Revolution में अंतर होता है लेकिन इस क्रांति को विद्रोह के नाम से ही पढाया गया हमारे इतिहास में | 1857 की

Monday, August 29, 2011

जन गण मन की असलियत सब को बताएं - Reality of Jan Gan Man National Anthem

रबिन्द्र नाथ टैगोर की मृत्यु के बाद इस पत्र को सुरेन्द्र नाथ बनर्जी ने ये पत्र सार्वजनिक किया, और सारे देश को ये कहा क़ि ये जन गन मन गीत न गाया जाये।

वन्दे मातरम Vs जन गण मन

वन्दे मातरम की कहानी
ये वन्दे मातरम नाम का जो गीत है जिसे हम राष्ट्र
गीत के रूप में जानते हैं उसे बंकिम चन्द्र चटर्जी ने 7 नवम्बर 1875 को लिखा था | बंकिम चन्द्र चटर्जी बहुत ही क्रन्तिकारी विचारधारा के व्यक्ति थे | देश के साथ-साथ पुरे बंगाल में उस समय अंग्रेजों के खिलाफ जबरदस्त आन्दोलन चल रहा था और एक बार ऐसे ही विरोध आन्दोलन में भाग लेते समय इन्हें बहुत चोट लगी और बहुत से उनके दोस्तों की मृत्यु भी हो गयी | इस एक घटना ने उनके मन में ऐसा गहरा घाव किया कि उन्होंने आजीवन अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने का संकल्प ले लिया उन्होंने | बाद में उन्होंने एक उपन्यास लिखा जिसका नाम था "आनंदमठ", जिसमे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ बहुत कुछ लिखा, उन्होंने बताया कि अंग्रेज देश को कैसे लुट रहे हैं, ईस्ट इंडिया कंपनी भारत से

Wednesday, August 17, 2011

लोकपाल और जन लोकपाल बिल का फर्क सभी को समझाएं - Difference between Jokpal and Jan Lokpal bill

हमारे देश की संसद में जब कोई बिल आता है तो बहस के बाद जब वो पास हो जाता है तो कानून बन जाता है . फिर चाहे सही हो या गलत वो कानून हमको मानना ही पड़ेगा . जी हाँ अगर वो गलत है तो भी मानना पड़ता है
एक उदहारण से समझते हैं
१) हमारे देश में गाय को  माँ के समान समझा जाता रहा है और पूजा की जाती है . लेकिन  देश में अंग्रेज आये और गोहत्या का कानून बना दिया . और जगह जगह गाय के कतल खाने बना दिए . हर रोज देश में हजारो गाय कटती है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि ये तो कानून बन चूका है .
२) अंग्रेजो ने देश में शराब के लाईसेंस देकर शराब को बेचना और बनाना क़ानूनी रूप से जायज बना दिया . शराब पीना व् बेचना अब गलत नहीं माना जाता क्योंकि अब ये कानून बन चूका है ,

इसी प्रकार एक और बेकार कानून हमारे देश की सरकार बनाने जा रही है जिसका नाम है लोकपाल बिल .

Thursday, August 11, 2011

"Transfer of Power Agreement" को जाने और दुसरो को बताएं


 

सत्ता के हस्तांतरण की संधि ( Transfer of Power Agreement ) यानि भारत के आज़ादी की संधि | ये इतनी खतरनाक संधि है की अगर आप अंग्रेजों द्वारा सन 1615 से लेकर 1857 तक किये गए सभी 565 संधियों या कहें साजिस को जोड़ देंगे तो उस से भी ज्यादा खतरनाक संधि है ये | 14 अगस्त 1947 की रात को जो कुछ हुआ है वो आजादी नहीं आई बल्कि ट्रान्सफर ऑफ़ पॉवर का एग्रीमेंट हुआ था पंडित नेहरु और लोर्ड  माउन्ट बेटन के बीच में | Transfer of Power और Independence ये दो अलग चीजे है | स्वतंत्रता और सत्ता का हस्तांतरण ये दो अलग चीजे है | और सत्ता का हस्तांतरण कैसे होता है ? आप देखते होंगे क़ि एक पार्टी की सरकार है, वो चुनाव में हार जाये, दूसरी पार्टी की सरकार आती है तो दूसरी पार्टी का प्रधानमन्त्री जब शपथ ग्रहण करता है, तो वो शपथ ग्रहण करने के तुरंत बाद एक रजिस्टर पर हस्ताक्षर करता है, आप लोगों में से बहुतों ने देखा होगा, तो जिस रजिस्टर पर आने वाला प्रधानमन्त्री हस्ताक्षर करता है, उसी रजिस्टर को ट्रान्सफर ऑफ़ पॉवर की बुक कहते है और उस पर हस्ताक्षर के बाद पुराना प्रधानमन्त्री नए प्रधानमन्त्री को सत्ता सौंप देता है | और पुराना प्रधानमंत्री निकल कर बाहर चला जाता है  | यही नाटक हुआ था 14 अगस्त 1947 की रात को 12 बजे | लार्ड  माउन्ट बेटन ने अपनी सत्ता पंडित नेहरु के हाथ में सौंपी थी, और हमने कह दिया कि स्वराज्य आ गया | कैसा स्वराज्य और काहे का स्वराज्य ? अंग्रेजो के लिए स्वराज्य का मतलब क्या था ? और हमारे लिए स्वराज्य का मतलब क्या था ? ये भी समझ लीजिये | अंग्रेज कहते थे क़ि हमने

Monday, August 8, 2011

हमें क्यों चाहिए जन लोकपाल? [Why we need Jan Lokpal Bill]

Give a miss call at 022-61550789 to show your support to  Jan Lokpal
हमें क्यों चाहिए जन लोकपाल?


सामान्य सवाल

1. हमें क्यों चाहिए लोकपाल?
2. क्या कहता है जन लोकपाल कानून?
3. लोकपाल और लोकायुक्त का काम



हमें क्यों चाहिए लोकपाल?


मोटे तौर पर, लोकपाल कानून बनवाने के दो मकसद हैं -


पहला मकसद है कि भ्रष्ट लोगों को सज़ा और जेल सुनिश्चित हो। भ्रष्टाचार, चाहे प्रधानमंत्री का हो या न्यायधीश  का, सांसद का हो या अफसर का, सबकी जांच निष्पक्ष तरीके से एक साल के अन्दर पूरी हो। और

Wednesday, June 22, 2011

Miss call at 0522-3095743 to support Anti Slaughter campaign in UP

उत्तर प्रदेश  में  9 यांत्रिक कसाई खाने खुल रहे हैं  जिनमें  हर दिन लाखो पशुओ को काटा जायगा इनके  विरोध में 0522-3095743 पर मिस कॉल करे व्  अपने मित्रो व् परिचितों को भी बताएं

Monday, May 23, 2011

कविता "आन्दोलन का एजेंडा " का प्रचार के लिए प्रयोग करे

Download MP3 of this poem to circulate to your friends via mobile and blue tooth 



Click here to download PDF format of this poem

सभी श्रोताओं को रविंदर कुमार का नमस्कार
दोस्तों , आने वाली 4 जून 2011 से स्वामी राम देव जी, लाखो देश भक्त  लोगों के साथ  दिल्ली के राम लीला मैदान में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठने वाले हैं . इस आन्दोलन का नाम है "भ्रस्टाचार मिटाओ सत्याग्रह"

इस आन्दोलन को शुरू  करने के क्या कारण और उद्देश्य है आईए एक हिंदी कविता के द्वारा सरल और रोचक भाषा में समझने की कोशिश  करते हैं
तो प्रस्तुत है कविता "आन्दोलन का एजेंडा ?"



जाग उठे हैं लोग देश में, आंधी चलने वाली है
भूख और भ्रष्टाचार में डूबी, रात गुजरने वाली है

चार जून को राम देव जी, दिल्ली को ललकारेंथे -२
हम भी बाबा साथ तुम्हारे , लाखों लोग पुकारेंथे

Wednesday, May 18, 2011

भ्रस्टाचार मिटाओ सत्याग्रह का सन्देश हर नोटिस बोर्ड पर लगायें


हर नोटिस बोर्ड , हर दिवार , हर हाथ तक स्वामी राम देव जी द्वारा 4 जून 2011 से शरू होने वाले  "भ्रस्टाचार मिटाओ सत्याग्रह" का ये एक पेज का   सन्देश पहुंचाएं व् ये लिंक ईमेल से सबको भेजें

हिंदी में डाउनलोड के लिए यहाँ क्लिक करे  ( 980 KB size PDF format)

या

3 MB size JPG format Hindi

Click here to Download in English ( 877 KB size PDF format )

Tuesday, May 17, 2011

02233081122 पर मिस कॉल कर के भ्रस्टाचार मिटाओ सत्याग्रह का समर्थन करे

4 जून 2011  से दिल्ली  में  स्वामी  राम देव जी कम से कम एक लाख लोगों के साथ अनिश्चित कालीन अनशन करने वाले है . इस "भ्रस्टाचार मिटाओ सत्याग्रह " का समर्थन करने के लिए 02233081122 पर मिस कॉल करे और अपने दोस्तों , पड़ोसियों , रिश्तेदारों , साथ काम करने वालों को भी इस नंबर पर मिस कॉल करने को कहें .


To support Swami Ramdevji's" BHRASTACHAR MITAO SATYAGRAH" starting from 4 June 2011 in Delhi please miss call at 02233081122    and  inform others to do so


Saturday, April 9, 2011

आपत्ति जनक विज्ञापनों का विरोध करे [How to oppose objectionable advertisements]

क्या आप भ्रमित करने वाले विज्ञापनों से परेशान है , क्या विज्ञापनों में अशलीलता से आप छुटकारा पाना चाहते हैं, क्या  बच्चो व् समाज के लिए किसी भी  रूप में हानिकारक हो सकने वाले विज्ञापनों को आप बंद करवाना चाहते हैं
तो कृपया अपनी  शिकायत "द एडवरटाइजिंग स्टैण्डर्ड काउंसिल आफ इंडिया"  के पास मुफ्त में दर्ज कराएँ 
ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देखे http://www.ascionline.org

या  नीचे के लिंक पर  क्लिक करे

हिंदी में ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करे

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