एक आसान प्रयोग कर के देखे -
थोड़ी देर अपनी आँखों पर एक पट्टी बांध कर अपनी दिनचर्या के काम करे या पास के पार्क में जाकर टहल कर आ जाएँ . आप पायंगे के बिना आँखों से दिखाई दिए कुछ भी कर पाना कितना मुश्किल है . शायद अब हम आँखों की कीमत और जरुरत पहले से ज्यादा समझ गए हैं . आप किस्मत वाले है की इस प्रयोग के बाद आप आँखों से पट्टी हटा सकते है . पर
हमारे देश में लाखों लोग जन्म से या किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण देख नहीं सकते .
जितने लोग देश में एक साल में मरते हैं अगर वो मरने के बाद अपनी आँखे दान कर दे तो देश के सभी नेत्रहीन लोगों को एक ही साल में आँखे मिल जायेंगी. बस जरुरत है तो जागरूक होने की . आईये हम सभी अपनी मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प ले
3) अपनी मृत्यु के पश्चात नेत्रदान का संकल्प ले और परिवार के सदस्यों को इस बारे में जानकारी दे ताकि आप की मृत्यु के बाद वो आप के नेत्रदान कर सके

कुछ जरुरी सावधानिया :
1) मृत्यु के पश्चात व्यक्ति की आँखे बंद कर दे
2) सूती कपडे में कुछ बर्फ के टुकड़े लपेटें और उन्हें मृतक की आंखों पर रख दे यह आँखों को सूखने से रोकता है और यह ताजा रखने में मदद करता है.
3) कमरे का पंखा बंद कर दे .
4) मृतक के सिर के नीचे एक तकिया रखकर थोड़ा उठा दे
5) नेत्रदान के लिए निकटतम eye bank से संपर्क करे या आँखों के डॉक्टर को बुलाएँ या BSNL/MTNL फ़ोन से 1919 पर कॉल करे
6) नेत्र बैंक टीम को आप के घर का आसानी से पता लगाने के लिए विशिष्ट स्थलों और टेलीफोन नंबर के साथ सही पता दे
7) नेत्रदान परिजनों की लिखित सहमति के साथ ही दो गवाहों की उपस्थिति में लिया जाता है
8) मृत्यु के पश्चात व्यक्ति की आँखे 6 घंटे के अन्दर अन्दर दान दे देनी चाहिये
कुछ जरुरी जानकारियां :
1) जिस ने नेत्रदान का फॉर्म ना भरा हो उस व्यक्ति की भी आँखे मृत्यु के बाद दान में ली जा सकती हैं अगर उनके परिवार के सदस्य इसकी सहमती देते हो तो
2) नेत्रदान के बाद मृत व्यक्ति का चहरा बिगड़ता नहीं है
3) दोनों आँखों को दो अगल अलग व्यक्तियों को लगाया जाता है ताकि दो नेत्रहीन लोगों को रौशनी मिल सके
4) जिस व्यक्ति की आँखे कमजोर हो या नजर का चश्मा लगा हो उसकी आँखे भी उतनी काम की हैं जितनी की किसी स्वस्थ व्यक्ति की आँखे .
5) किसी भी उम्र का व्यक्ति नेत्र दान कर सकता है
6) ज्यादा जानकारी के किये BSNL/MTNL फ़ोन से 1919 पर कॉल कर के नजदीकी आई बैंक से आसानी से संपर्क साध सकते हैं।
नेत्रदान कोन नहीं कर सकता : -
1) जिसकी अज्ञात कारण से मृत्यु हुई हो
2) जिसकी Rabies, syphilis , septicemia , AIDS Hepatitis B and C, Rabies, Septicaemia, Acute leukemia (Blood cancer), Tetanus, Cholera, और infectious diseases जैसे Meningitis and Encephalitis के कारण मृत्यु हुई हो
प्रमुख हस्तियाँ जिन्होंने नेत्रदान का संकल्प लिया है
*** अपनी आँखों की क़द्र करें और इनकी सुरक्षा करें ***
थोड़ी देर अपनी आँखों पर एक पट्टी बांध कर अपनी दिनचर्या के काम करे या पास के पार्क में जाकर टहल कर आ जाएँ . आप पायंगे के बिना आँखों से दिखाई दिए कुछ भी कर पाना कितना मुश्किल है . शायद अब हम आँखों की कीमत और जरुरत पहले से ज्यादा समझ गए हैं . आप किस्मत वाले है की इस प्रयोग के बाद आप आँखों से पट्टी हटा सकते है . पर
हमारे देश में लाखों लोग जन्म से या किसी बीमारी या दुर्घटना के कारण देख नहीं सकते .
जितने लोग देश में एक साल में मरते हैं अगर वो मरने के बाद अपनी आँखे दान कर दे तो देश के सभी नेत्रहीन लोगों को एक ही साल में आँखे मिल जायेंगी. बस जरुरत है तो जागरूक होने की . आईये हम सभी अपनी मृत्यु के बाद नेत्रदान का संकल्प ले
हम घर बैठे नेत्रदान का संकल्प कैसे ले :-
1) नेत्रदान का बारे में जागरूक बने और दोस्तों और आस पास के लोगों को भी जागरूक बनायें
2) नेत्रदान का फॉर्म यहाँ से डाउनलोड करें और सपरिवार नेत्रदान की प्रतिज्ञा ले और दिए पते पर साधारण डाक से भर कर भेजे 3) अपनी मृत्यु के पश्चात नेत्रदान का संकल्प ले और परिवार के सदस्यों को इस बारे में जानकारी दे ताकि आप की मृत्यु के बाद वो आप के नेत्रदान कर सके
कुछ जरुरी सावधानिया :
1) मृत्यु के पश्चात व्यक्ति की आँखे बंद कर दे
2) सूती कपडे में कुछ बर्फ के टुकड़े लपेटें और उन्हें मृतक की आंखों पर रख दे यह आँखों को सूखने से रोकता है और यह ताजा रखने में मदद करता है.
3) कमरे का पंखा बंद कर दे .
4) मृतक के सिर के नीचे एक तकिया रखकर थोड़ा उठा दे
5) नेत्रदान के लिए निकटतम eye bank से संपर्क करे या आँखों के डॉक्टर को बुलाएँ या BSNL/MTNL फ़ोन से 1919 पर कॉल करे
6) नेत्र बैंक टीम को आप के घर का आसानी से पता लगाने के लिए विशिष्ट स्थलों और टेलीफोन नंबर के साथ सही पता दे
7) नेत्रदान परिजनों की लिखित सहमति के साथ ही दो गवाहों की उपस्थिति में लिया जाता है
8) मृत्यु के पश्चात व्यक्ति की आँखे 6 घंटे के अन्दर अन्दर दान दे देनी चाहिये
कुछ जरुरी जानकारियां :
1) जिस ने नेत्रदान का फॉर्म ना भरा हो उस व्यक्ति की भी आँखे मृत्यु के बाद दान में ली जा सकती हैं अगर उनके परिवार के सदस्य इसकी सहमती देते हो तो
2) नेत्रदान के बाद मृत व्यक्ति का चहरा बिगड़ता नहीं है
3) दोनों आँखों को दो अगल अलग व्यक्तियों को लगाया जाता है ताकि दो नेत्रहीन लोगों को रौशनी मिल सके
4) जिस व्यक्ति की आँखे कमजोर हो या नजर का चश्मा लगा हो उसकी आँखे भी उतनी काम की हैं जितनी की किसी स्वस्थ व्यक्ति की आँखे .
5) किसी भी उम्र का व्यक्ति नेत्र दान कर सकता है
6) ज्यादा जानकारी के किये BSNL/MTNL फ़ोन से 1919 पर कॉल कर के नजदीकी आई बैंक से आसानी से संपर्क साध सकते हैं।
नेत्रदान कोन नहीं कर सकता : -
1) जिसकी अज्ञात कारण से मृत्यु हुई हो
2) जिसकी Rabies, syphilis , septicemia , AIDS Hepatitis B and C, Rabies, Septicaemia, Acute leukemia (Blood cancer), Tetanus, Cholera, और infectious diseases जैसे Meningitis and Encephalitis के कारण मृत्यु हुई हो
प्रमुख हस्तियाँ जिन्होंने नेत्रदान का संकल्प लिया है
- एश्वर्या राय
- अमिताभ बच्चन व् जया बच्चन
- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व् पत्नी गुरशरण कौर
- रवीना टंडन
- उस्ताद जाकिर हुसैन (प्रसिद्ध तबला वादक )
- पंडित हरी प्रशाद चोरिसिया (प्रसिद्ध बांसुरी वादक )
- राज ठाकरे
*** अपनी आँखों की क़द्र करें और इनकी सुरक्षा करें ***
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