हमारे देश की संसद में जब कोई बिल आता है तो बहस के बाद जब वो पास हो जाता है तो कानून बन जाता है . फिर चाहे सही हो या गलत वो कानून हमको मानना ही पड़ेगा . जी हाँ अगर वो गलत है तो भी मानना पड़ता है
एक उदहारण से समझते हैं
१) हमारे देश में गाय को माँ के समान समझा जाता रहा है और पूजा की जाती है . लेकिन देश में अंग्रेज आये और गोहत्या का कानून बना दिया . और जगह जगह गाय के कतल खाने बना दिए . हर रोज देश में हजारो गाय कटती है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि ये तो कानून बन चूका है .
२) अंग्रेजो ने देश में शराब के लाईसेंस देकर शराब को बेचना और बनाना क़ानूनी रूप से जायज बना दिया . शराब पीना व् बेचना अब गलत नहीं माना जाता क्योंकि अब ये कानून बन चूका है ,
इसी प्रकार एक और बेकार कानून हमारे देश की सरकार बनाने जा रही है जिसका नाम है लोकपाल बिल .
एक उदहारण से समझते हैं
१) हमारे देश में गाय को माँ के समान समझा जाता रहा है और पूजा की जाती है . लेकिन देश में अंग्रेज आये और गोहत्या का कानून बना दिया . और जगह जगह गाय के कतल खाने बना दिए . हर रोज देश में हजारो गाय कटती है लेकिन हम कुछ नहीं कर सकते क्योंकि ये तो कानून बन चूका है .
२) अंग्रेजो ने देश में शराब के लाईसेंस देकर शराब को बेचना और बनाना क़ानूनी रूप से जायज बना दिया . शराब पीना व् बेचना अब गलत नहीं माना जाता क्योंकि अब ये कानून बन चूका है ,
इसी प्रकार एक और बेकार कानून हमारे देश की सरकार बनाने जा रही है जिसका नाम है लोकपाल बिल .
